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बाबुल सुप्रियो ने जताई तृणमूल का भाजपाकरण होने की आशंका

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बाबुल सुप्रियो ने जताई तृणमूल का भाजपाकरण होने की आशंका


बाबुल सुप्रियो ने जताई तृणमूल का भाजपाकरण होने की आशंका


कोलकाता, 09 जून (हि.स.)।

आसनसोल के पूर्व सांसद एवं वर्तमान विधायक बाबुल सुप्रियो ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक लंबी व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा कर पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया है। पोस्ट में उन्होंने दल-बदल, नेताओं की राजनीतिक निष्ठा में बदलाव और विभिन्न दलों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर तीखी लेकिन हास्यपूर्ण टिप्पणी की है।

बाबुल सुप्रियो ने अपनी पोस्ट में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा का तृणमूलीकरण नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं बंगाल की राजनीति में तृणमूल का भाजपाकरण तो नहीं हो रहा है।

पोस्ट में बाबुल ने राजनीतिक दलों में लगातार हो रहे नेताओं के आवागमन पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने लिखा कि कभी तृणमूल के नेता भाजपा में जा रहे हैं तो कभी भाजपा के नेता तृणमूल में, जिससे आम लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि कौन किस दल में है। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए राजनीतिक समीकरणों पर कटाक्ष किया।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर भ्रष्टाचार, सिंडिकेट या अत्याचार के आरोप हैं तो उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए, लेकिन केवल पार्टी बदल लेने से उसकी छवि धुली हुई तुलसी पत्ता जैसी नहीं हो जानी चाहिए। बाबुल ने इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के लिए समान मानदंड अपनाने की जरूरत बताई।

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने बंगाल की राजनीति की वर्तमान स्थिति को बीजे-मूल (भाजपा-तृणमूल) की संज्ञा देते हुए लिखा कि ऐसा लग रहा है मानो लंबे समय से तीसरे राजनीतिक विकल्प का सपना देखने वालों की इच्छा पूरी हो रही हो।

बाबुल सुप्रियो की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। समर्थक और विरोधी दोनों ही इस पोस्ट को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा