बांकुड़ा में तृणमूल के दो प्रभावशाली नेताओं की गिरफ्तारी, नौकरी दिलाने और रंगदारी के आरोप
बांकुड़ा, 24 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में कथित भ्रष्टाचार और रंगदारी के मामलों में कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में शनिवार रात बांकुड़ा जिले के बेलियातोड़ और बांकुड़ा शहर से तृणमूल कांग्रेस के दो प्रभावशाली नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया।
बेलियातोड़ से गिरफ्तार किए गए पल्लव पांडे गंगाजलघाटी पंचायत समिति के कृषि कर्माध्यक्ष हैं। वहीं बांकुड़ा शहर से गिरफ्तार पीयूष चक्रवर्ती उर्फ ‘कैसेट बापी’ बांकुड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 15 की तृणमूल पार्षद पिंकी चक्रवर्ती के पति बताए जाते हैं।
पुलिस और अदालत सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एक नौकरी अभ्यर्थी ने बेलियातोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर पल्लव पांडे ने उससे 4.60 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि नौकरी नहीं मिली और पैसे भी वापस नहीं किए गए।
आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप में शनिवार रात पुलिस ने पल्लव पांडे को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उन्हें बांकुड़ा जिला अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने तीन दिनों की पुलिस हिरासत का आदेश दिया। हालांकि अदालत ले जाते समय पल्लव पांडे ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खुद को निर्दोष बताया।
दूसरी ओर, रंगदारी मांगने के आरोप में शनिवार रात बांकुड़ा शहर के प्रभावशाली तृणमूल नेता पीयूष चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, शहर के एक रंग व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2023 में दुकान निर्माण के दौरान पीयूष ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और रकम देने के बाद ही निर्माण कार्य पूरा करने की अनुमति मिली।
रविवार को अदालत ने पीयूष चक्रवर्ती को भी तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उनके वकील अनिर्वाण बनर्जी ने कहा कि कथित घटना 2023 की है और इतने समय बाद शिकायत दर्ज होने के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में लोगों से रंगदारी और कटमनी से जुड़े मामलों में सीधे थाने में शिकायत करने की अपील की थी। इसके बाद पिछले सात दिनों में 70 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। गिरफ्तार अधिकांश लोग तृणमूल कांग्रेस से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनके खिलाफ रंगदारी, आर्थिक धोखाधड़ी, धमकी और राजनीतिक हिंसा भड़काने जैसे आरोप दर्ज हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

