अन्नपूर्णा योजना को लेकर संशय, मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने दी बड़ी सलाह
हुगली, 09 जून (हि. स.)। राज्य सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत फॉर्म भरने और जमा करने की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। विभिन्न वार्डों में पार्टी कार्यकर्ता, नगरपालिका कर्मी और आशा कर्मियों द्वारा लोगों से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में फॉर्म जमा करने के बाद लाभार्थियों को किसी प्रकार की रसीद या प्राप्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है। इससे भविष्य में योजना का लाभ मिलने को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को राज्य के मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने लोगों और कार्यकर्ताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म एक साथ नगरपालिका कार्यालयों में जमा किए जा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी फॉर्म का रिकॉर्ड गायब हो जाता है या दस्तावेज इधर-उधर हो जाते हैं, तो इसकी जवाबदेही तय करना मुश्किल हो जाएगा।
मंत्री ने आशंका जताई कि भविष्य में यदि किसी लाभार्थी का नाम सूची में नहीं आता है या फॉर्म का रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो लोग सीधे उन कार्यकर्ताओं या प्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराएंगे जिन्होंने फॉर्म भरवाने और जमा कराने की जिम्मेदारी ली थी।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी पार्टी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन या अन्य लोग फॉर्म जमा कर रहे हैं, वे प्रत्येक फॉर्म पर वार्डवार सीरियल नंबर अंकित करें। साथ ही एक फॉरवर्डिंग लेटर तैयार कर उसमें लाभार्थियों के नाम, मोबाइल नंबर और कुल जमा किए गए फॉर्म की संख्या का स्पष्ट विवरण दर्ज करें।
भास्कर भट्टाचार्य ने जोर देकर कहा कि फॉर्म जमा करने के बाद नगरपालिका या संबंधित कार्यालय से उसकी रिसीविंग अथवा रसीद अवश्य ली जानी चाहिए। इससे भविष्य में किसी प्रकार के विवाद या रिकॉर्ड संबंधी समस्या होने पर जवाबदेही तय करना आसान होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी या अर्ध-सरकारी विभाग में दस्तावेज जमा करने पर प्राप्ति रसीद मिलना एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मंत्री के इस बयान के बाद अन्नपूर्णा भंडार योजना की प्रक्रिया को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। आम लोगों के बीच अब यह मांग उठने लगी है कि सरकार फॉर्म जमा करने की एक स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था लागू करे ताकि लाभार्थियों को भविष्य में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

