युवाओं ने शुरू किया करवन नदी सफाई अभियान, मुख्यमंत्री से लगाई संरक्षण की गुहार
हाथरस, 24 मई (हि.स.)। जनपद के सादाबाद क्षेत्र में ऐतिहासिक करवन नदी लगभग 25 वर्ष पहले तक कस्बे के बीच से बहती थी, जिससे क्षेत्र का जलस्तर ऊंचा रहता था और लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलता था। हालांकि, समय के साथ नदी में पानी का प्रवाह रुक गया है और यह गंदगी व कचरे का ढेर बन गई है।
नदी को पुनर्जीवित करने और उसकी सफाई की मांग को लेकर नगर के युवाओं ने पहले जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने नमामि गंगे योजना और अन्य नदी संरक्षण योजनाओं के तहत नदी के पुनरुद्धार की मांग की थी। युवाओं का आरोप है कि उनकी मांग के बावजूद जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके बाद युवाओं ने स्वयं ही नदी को साफ करने का संकल्प लिया और श्रमदान शुरू कर दिया। रविवार को बड़ी संख्या में युवा करवन नदी पर पहुंचे और सफाई अभियान चलाया। उन्होंने नदी किनारे फैली प्लास्टिक, घरेलू कचरा और अन्य गंदगी को हटाया। युवाओं की इस पहल से प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य लोग भी इस अभियान में शामिल हो गए।
युवाओं ने घोषणा की है कि करवन नदी पूरी तरह साफ होने तक प्रतिदिन श्रमदान किया जाएगा। युवाओं ने बताया कि नदी की सफाई के बाद हजारों की संख्या में पौधे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र को स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र बनाना है। उनका मानना है कि नदी के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र का गिरता भूजल स्तर सुधरेगा और खारे पानी की समस्या से भी राहत मिलेगी। युवाओं ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी करवन नदी के पुनर्जीवन की मांग की है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे और राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत इस नदी का भी उद्धार किया जाना चाहिए। अभियान में अजरूद्दीन फौजी, निर्भय भट्ट, ओमवीर सिंह, कन्हैया लाल, हेमंत कश्यप, फौजी कुमार, दीपक चौधरी, कृष्णा तिवारी, वरुण मिश्रा, गौरव ठेनुआ, रोहित चौधरी, पवन चौधरी, अमन चौधरी और अन्नू पंडित सहित कई युवा शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना

