home page

योगी सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह से है संजीदा : राज्यमंत्री दानिश आजाद

 | 
योगी सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह से है संजीदा : राज्यमंत्री दानिश आजाद


योगी सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह से है संजीदा : राज्यमंत्री दानिश आजाद


94.30% सफलता दर के साथ छात्राओं ने दिखाई शानदार प्रतिभा

आलिम परीक्षा के टॉप-3 पर छात्राओं का कब्जा, वाराणसी की जुमी फरीन टॉपर

गोरखपुर, कुशीनगर, लखनऊ समेत कई जिलों की बेटियों ने प्रदेश में बढ़ाया मान

लखनऊ 24 मई (हि.स.)। योगी सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। विशेष रूप से मुस्लिम बहनों को शिक्षित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मदरसा शिक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यहां गरीब मुस्लिम परिवारों के बच्चे पढ़ने आते हैं। ऐसे बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिलना उनका अधिकार है। योगी सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह संजीदा है। यह बातें रविवार काे मदरसा शिक्षा परिषद का परिणाम आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहीं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित मदरसा शिक्षा परिषद के वर्ष 2026 की परीक्षा में बेटियों ने बाजी मारी है। इस वर्ष 29 हजार से अधिक छात्राएं पास हुई है। जिनका सफलता प्रतिशत 94.30 प्रतिशत रहा है। छात्राओं ने टॉप रैंकिंग में भी अपना दबदबा कायम किया है। यह उपलब्धि केवल छात्राओं की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और पारदर्शी व्यवस्था का भी सकारात्मक असर है।

29 हजार से अधिक छात्राएं हुई पास

उप्र. मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ द्वारा वर्ष 2026 की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा में कुल 55,788 छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं, जिनमें 29,229 छात्राएं शामिल हैं। छात्राओं का कुल सफलता प्रतिशत 94.30 रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में बेटियों को बेहतर शैक्षिक माहौल और अवसर मिल रहे हैं। सेकेंडरी (मुंशी/मौलवी) परीक्षा में 21,407 छात्राएं पास हुईं है। जिनका सफलता प्रतिशत 91.46 रहा है। वहीं सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा में 7,822 छात्राओं ने सफलता हासिल की, जिसका सफलता प्रतिशत 90.88 दर्ज किया गया है।

सीनियर सेकेंडरी के टॉप-3 में छात्राओं का दबदबा

सबसे खास बात यह रही कि सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा की टॉप तीन रैंक पर छात्राओं ने कब्जा जमाया है। वाराणसी जिले के मदरसा दैरातुल इस्लाह चिराग-ए-उलूम की छात्रा जुमी फरीन ने 82.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इसी मदरसे की छात्रा शाइस्ता परवीन ने 82.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं अमरोहा जिले के मदरसा अलिया जफरिया की छात्रा उम्मुल खैर ने भी 82.40 प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा वाराणसी की जैनबी हनिया ने 82 प्रतिशत अंक पाकर पांचवां स्थान हासिल किया। जबकि फर्रुखाबाद जिले के मदरसा इस्लामिया फैज-ए-आम लालबाघ हमीरपुर खास की छात्रा रेशमा ने 81.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप-10 में आठवां स्थान बनाया है।

गोरखपुर, कुशीनगर और लखनऊ की छात्राओं ने नाम किया रोशन

मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी (मुंशी/मौलवी) परीक्षा में भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। गोरखपुर जिले के जामिया रिज्विया अहले सुन्नत की छात्रा शाइमा परवीन ने 89.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। कुशीनगर जिले के मदरसा मुस्तफा दारुल उलूम की छात्रा सिद्दीका खातून ने 88.50 प्रतिशत अंक पाकर पांचवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं गोरखपुर जिले के मदरसा अरबिया शम्सुल उलूम की छात्रा रुखसार बानो ने 88.17% अंक प्राप्त कर छठा, कुशीनगर जिले के जामिया उस्मानिया गर्ल्स हाई स्कूल उस्मान नगर दुदही कुशीनगर की शकिला खातून ने 87.83% अंक पाकर नौवां स्थान और लखनऊ जिले के जामिया इस्लाहुल बनत में पढ़ने वाली छात्रा सानिया ने 87.83% अंक के साथ दसवां स्थान प्राप्त कर प्रदेश में नाम रोशन किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा