कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता रूट का काउंटडाउन शुरू, 15 जुलाई तक दौड़ेगी मेट्रो
-अब आईआईटी से लेकर नौबस्ता तक मेट्रो ट्रेन चलाने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं-कानपुर आ रही स्पेशल टीम बेहद बारीकी से हर सिस्टम को परखेगी-ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम और सबसे जरूरी 'इमरजेंसी ब्रेक' का कड़ा टेस्ट करेगी
कानपुर, 09 जून (हि.स.)। कानपुर मेट्रो का सेंट्रल से नौबस्ता रूट शहर की परिवहन व्यवस्था में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। विशेषकर दक्षिण कानपुर के लाखों नागरिकों के लिए यह रूट किसी वरदान से कम नहीं होगा, जिन्हें रोजाना झकरकटी, टाटमिल जैसे व्यस्त इलाकों में भीषण जाम से जूझना पड़ता था। यह बातें मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'स्मार्ट और हाई-टेक यूपी' के संकल्प को औद्योगिक नगरी कानपुर में एक और बड़ी उड़ान मिलने जा रही है। शहर में अभी तक आईआईटी कानपुर से लेकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक (16 किमी) मेट्रो का सफल संचालन हो रहा है। लेकिन अब, दक्षिण कानपुर के लाखों लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच छूटे हुए 8 किलोमीटर के हिस्से पर काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और अब सिर्फ हरी झंडी का इंतजार है।
योगी सरकार की कड़ी मॉनिटरिंग का ही नतीजा है कि रेलवे से जमीन मिलने की देरी और टाटमिल-झकरकटी के बीच जर्जर सीवरेज सिस्टम जैसी बड़ी बाधाओं को पार करते हुए इस रूट को फाइनल टेस्ट के लिए तैयार कर लिया गया है। अब स्पेशल टीम ट्रैक और स्टेशनों की सुरक्षा जांचेगी।
इस महीने के लास्ट में मिलेगा फाइनल क्लीयरेंस
इसी हफ्ते आ रही स्पेशल टीम की जांच रिपोर्ट में सब कुछ ठीक रहा, तो जून महीने के अंत तक मुख्य कमिश्नर खुद आकर फाइनल मुहर लगा देंगे। उनके दौरे के बाद सेंट्रल से नौबस्ता का यह नया रूट पूरी तरह चालू हो जाएगा, जिससे शहर के लाखों लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
20 लाख की आबादी को सीधा फायदा
यूपीएमआरसी के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र के मुताबिक, इस रूट के खुलते ही शहर के दक्षिण क्षेत्रों में रहने वाली करीब 20 लाख की आबादी को सीधे मेट्रो नेटवर्क का फायदा मिलेगा। अब आईआईटी से लेकर नौबस्ता तक का पूरा 23.5 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर चालू हो जाएगा। जहां इस पूरे सफर को सड़क मार्ग से तय करने में डेढ़ से दो घंटे का समय और भीषण जाम से जूझना पड़ता था, वहीं अब मेट्रो से यह दूरी मात्र 40 मिनट में पूरी होगी। इतने लंबे सफर के लिए यात्रियों को सिर्फ 60 रुपये का टिकट लेना होगा। हर स्टेशन पर यात्रियों को मात्र छह मिनट के अंतराल में मेट्रो उपलब्ध होगी। इसके लिए वडोदरा (गुजरात) से अत्याधुनिक 29 ट्रेनें मंगवाई जा चुकी हैं।
इन पॉइंट्स पर होगी कड़ी जांच
-ट्रेन-ट्रैक और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग: हाल ही में टनल के अंदर किए गए हाई-स्पीड कॉलिजन अवॉइडेंस टेस्ट (ट्रेनों को आमने-सामने लाकर रोकने का टेस्ट) की सफलता के बाद, अब टीम ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग और 'इमरजेंसी ब्रेक' का फाइनल टेस्ट करेगी।
- यात्रियों की सहूलियत: सभी सात नए स्टेशनों पर तैनात स्टाफ मुस्तैद है। स्टेशनों पर लगी लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) और 36 टिकट वेंडिंग मशीनें के साथ एएफसी गेट को चलाकर देखा जाएगा।
- आपातकालीन सुरक्षा कवच: अग्निशमन व्यवस्था (फायर फाइटिंग सिस्टम) और इमरजेंसी एग्जिट गेट्स की मुस्तैदी जांची जाएगी।
एक नज़र 'पूरे प्रोजेक्ट' पर
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प्रोजेक्ट: कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) का काम पूरा।
नया रूट विस्तार: कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता (8 किलोमीटर सेक्शन)।
कुल कितने स्टेशन: सात नए स्टेशन जुड़े (2 अंडरग्राउंड: झकरकटी व ट्रांसपोर्ट नगर; पांच एलिवेटेड: बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता)।
बड़ा बदलाव: आईआईटी से नौबस्ता का 23.5 किमी का सफर अब सिर्फ 40 मिनट में (सड़क मार्ग से लगते हैं 90+ मिनट)।
किराया चार्ट: न्यूनतम 10 और अधिकतम किराया सिर्फ 60 रुपए।
फ्रीक्वेंसी और कोच: स्टेशनों पर हर छह मिनट में मिलेगी ट्रेन; रूट के लिए 29 हाई-टेक ट्रेनें तैयार।
करंट स्टेटस: सभी सात स्टेशनों पर तीन शिफ्ट में स्टाफ तैनात, इसी हफ्ते फाइनल सेफ्टी टेस्टिंग।
डेडलाइन: जून के अंत तक सेफ्टी क्लियरेंस और 10 से 15 जुलाई के बीच आम जनता के लिए शुरुआत।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

