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लगातार दूसरे दिन बंद रहे बड़ीसादड़ी के बाजार, जिंक अपशिष्ट हटाने को लेकर तेज हुआ आंदोलन

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लगातार दूसरे दिन बंद रहे बड़ीसादड़ी के बाजार, जिंक अपशिष्ट हटाने को लेकर तेज हुआ आंदोलन


चित्तौड़गढ़, 09 जून (हि.स.)। जिले के बड़ीसादड़ी में जिंक के अपशिष्ट जेरोपिक्स डंपिग मामले में जन आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपशिष्ट हटाने की मांग को लेकर मंगलवार दूसरे दिन भी बड़ीसादड़ी के बाजार बंद रहे। इधर, प्रदूषण विभाग ने मामले की जांच शुरु कर दी है कि आखिर जेरापिक्स अपशिष्ट डालने के मामले में दोषी कौन है। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। इधर, आंदोलनकारी संगठनों ने जहर मुक्त बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन जारी रखा। बाजार बंद के दौरान पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा वहीं उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक का भी आयोजन हुआ, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रकाश चौधरी ने आस-पास के जलाशयों के पानी की जांच की भी मांग रखी है। वहीं सहकारिता मंत्री गौतम दक ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इधर, अपशिष्ट डंपिग मामले में आंदोलनकारी जहां भूख हड़ताल पर बैठे है वहीं 15 दिन में बरसात से पहले अपशिष्ट नहीं उठाए जाने पर 11 लोगों ने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। वहीं मांग उठाई है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर इस पूरे मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए। आंदोलनकारियों ने बताया कि अभी तक 10 प्रतिशत मलबा भी नहीं उठ पाया है। वहीं आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि रेलवे ने इसके लिए नियंत्रित उपयोग वैधानिक अनुमति जारी की हुई है। इसके उलट कथित ठेकेदारों ने मलबे को जमीन पर डंपिग कर दिया है। अब यह पूरा मामला प्रशासनिक जवाबदेही का बन गया है। मामले की जांच के बाद ही दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई हो पाएगी।

इस मामले में जिला प्रशासन के साथ बैठक में संघर्ष समिति के सदस्यों की सहकारिता मंत्री गौतम दक की मौजूदगी में बैठक आयोजित हुई और जन स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए बरसात से पहले केचमेंट एरिये को पूरी तरह साफ करने के निर्देश दिए वहीं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। बैठक के दौरान राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों को सैम्पल उपलब्ध कराने और किस स्तर पर लापरवाही हुई उनके विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। इस दौरान डॉ. विमल नागौरी, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष मुस्तफा अली बोहरा, रणजीत झाला, प्रवीण दक आदि ने अपने सुझाव रखे। वहीं जिला कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल