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(लीड) ओ-जोन में बसी कॉलोनियों के पुराने निर्माण पर नहीं होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

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(लीड) ओ-जोन में बसी कॉलोनियों के पुराने निर्माण पर नहीं होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जानकारी दी गई कि ओ-जोन क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में पुराने निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होगी। इस आशय की स्वीकृति उच्च न्यायालय ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को भी दी है।

ओ-जोन क्षेत्र में बसी कॉलोनियों के मुद्दे पर बुलाई गई इस बैठक में उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, यमुनापार विकास क्षेत्र बोर्ड के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह लवली सहित दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खैरवार, डीडीए व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं। इन कॉलोनियों में लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं। यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वहां लगाए गए बोर्ड के कारण लोग सशंकित हैं, जबकि उन्होंने (जनप्रतिनिधियों ने) हाई कोर्ट के आदेशों व सरकारी रिकॉर्ड के अध्ययन से यह पाया है कि इन कॉलोनियों के पुराने निर्माण पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है। जो आदेश है, वह नए या चल रहे निर्माण को ध्वस्त करने को लेकर है।

जनप्रतिनिधियों ने ओ-जोन क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में शासन द्वारा लगाए गए नोटिस बोर्ड का भी मुद्दा उठाया और कहा कि बोर्ड के संदेश में लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है। उनका यह भी कहना था कि इन कॉलोनियों में ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो लोगों को डरा रहे हैं लेकिन इसकी आड़ में अपने अवैध निर्माण भी करवा रहे हैं। उनकी यह भी मांग थी कि यमुना के फ्लड प्लेन को अवैध निर्माण से बचाने के लिए ठोस उपाय किए जाएं। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ओ-जोन में नए निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने इस मसले पर डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने बन चुके निर्माण पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन कोर्ट ने चल रहे निर्माण पर सवाल खड़े किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोर्ट ने इस आशय का जवाब डीडीए को दिया है तो उसे उसी के अनुरूप अनुपालन करना चाहिए। वह इस मसले पर जनप्रतिनिधियों के साथ शीघ्र ही केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगी। उन्होंने डीडीए अधिकारियों से कहा कि वे हाई कोर्ट की अनुशंसा लेकर ओ-जोन क्षेत्र में लगाए गए बोर्ड की भाषा भी बदलें ताकि वहां बसी कॉलोनियों में किसी प्रकार की घबराहट व्याप्त न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव