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मप्र राज्यसभा नामांकन विवाद: मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर लगाया तथ्य छिपाने और षड्यंत्र का आरोप

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मप्र राज्यसभा नामांकन विवाद: मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर लगाया तथ्य छिपाने और षड्यंत्र का आरोप


भोपाल, 09 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मिनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने मीडिया से चर्चा कर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन शपथ-पत्र में तथ्यों को कथित रूप से छिपाने के कारण निरस्त हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी और प्रत्याशी ने आपराधिक प्रकरणों से जुड़ी जानकारी को जानबूझकर छिपाया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है।

डॉ. यादव ने कहा कि नामांकन के दौरान सही जानकारी देना अनिवार्य है, ताकि मतदाताओं के सामने सभी तथ्य स्पष्ट रहें। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने हार के भय से गलत शपथ-पत्र प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस मामले में जनता से माफी मांगने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आपत्ति दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों को सुनकर और दस्तावेजों की जांच के आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने निर्णय लिया, जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी टिप्पणी की कि कांग्रेस अक्सर चुनावी परिस्थितियों में नए तरीके अपनाती रही है और यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होता है।

मतदाताओं को भ्रमित करने कांग्रेस ने आपराध की जानकारी छिपाईः हेमंत खण्डेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त हाेने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाना मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इसके लिए कानूनी प्रावधानों के तहत सजा का भी प्रावधान है। हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में कांग्रेस की ओर से तथ्य छिपाकर “षड्यंत्र” किया गया, जिसे समय रहते उजागर कर दिया गया, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने से बच गई। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के सभी प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए हैं। भाजपा नेताओं ने दोहराया कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी है तथा चुनाव प्रक्रिया को किसी भी तरह के विवाद या अपारदर्शिता से बचाया गया है। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एवं मंत्री उपस्थित रहे, जिनमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे