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(अपडेट) खोह नागोरियान पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट में बच्चे सहित आठ की मौत

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(अपडेट) खोह नागोरियान पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट में बच्चे सहित आठ की मौत


जयपुर, 09 जून (हि.स.)। राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र स्थित करीब नगर-बी में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में एक बच्चे सहित आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। घटना के बाद अवैध रूप से संचालित फैक्टरी और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस के अनुसार करीब सुबह 11 बजे मकान संख्या-88 में आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मकान में अवैध रूप से शादी समारोहों में उपयोग होने वाले पटाखों की पैकिंग और भंडारण का कार्य किया जा रहा था। मकान याकूब पुत्र नजीर खान का बताया गया है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराये पर दे रखा था। फिरोज अपने सहयोगी वसीम के साथ यहां कथित रूप से अवैध पटाखा इकाई संचालित कर रहा था। घटना के बाद दोनों संचालक और मकान मालिक फरार हैं।

हादसे में मोहम्मद अशरफ (40), मोहम्मद रब्बिल (16), अब्दुल वहीद (46), समीर खान (20), बिलाल खान (28), आजीम खान (18) और नासिर खान (25) की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में शामिल बिलाल खान और आजीम खान सगे भाई थे। परिजनों के अनुसार आजीम फैक्टरी में कार्यरत था और बिलाल उससे मिलने पहुंचा था। इसी दौरान विस्फोट हो गया। समीर खान भी आजीम का बचपन का मित्र था और उसी इकाई में कार्य करता था।

खोह नागोरियान थाने से लगभग एक किलोमीटर दूरी पर स्थित इस भवन में पिछले करीब दो वर्षों से पटाखों का भंडारण और पैकिंग कार्य चल रहा था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार परिसर में लगभग 50 किलोग्राम बारूद रखा हुआ था।

पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट अथवा बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई गई है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी ने बताया कि उन्होंने पानी के टैंकर की सहायता से कई लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। बचाव कार्य के दौरान वह स्वयं भी झुलस गए। उन्होंने बताया कि परिसर में रखा एलपीजी सिलेंडर समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे और बड़ा हादसा टल गया।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा अवैध रूप से संचालित गोदाम और फैक्टरी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। खोह नागोरियान थाना पुलिस ने फरार संचालकों और मकान मालिक की तलाश शुरू कर दी है।

घटना पर राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा तथा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

जिला प्रशासन ने उस कॉलोनी की वैधता की भी जांच शुरू कर दी है, जहां यह अवैध इकाई संचालित की जा रही थी। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश