विकसित भारत जी राम जी योजना एक जुलाई से होगी लागू, केन्द्र ने राज्यों को 95,692 करोड़ रु. का अंतरिम आवंटन किया जारी
नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। विकसित भारत जी राम जी एक जुलाई से देशभर में लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को 95,692 करोड़ रु. का अंतरिम आवंटन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किया। मनरेगा के तहत 30 हजार करोड़ रु. पहले ही आवंटित कर दिए गए हैं। इस प्रकार इस योजना की कुल राशि 1.25 लाख करोड़ रु. से अधिक हो जाएगी। इस संबंध में मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासामी भी शामिल हुए।
बैठक के बाद केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार वार्ता में बतााया कि जी राम जी के लिए केन्द्र सरकार ने सवा लाख करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया है। यह राशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी, जिससे प्रत्येक पंचायत को लाखों रुपये का फंड उपलब्ध होगा। इस धनराशि का उपयोग अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार चिन्हित विकास कार्यों में किया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण भी सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केवल धन उपलब्ध नहीं करा रही है, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि समय पर मजदूरी भुगतान हो, श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और विकास कार्यों में कोई व्यवधान न आए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे पर्याप्त मात्रा में कार्यों को पूर्व स्वीकृति दें ताकि एक जुलाई से ही काम तेजी से शुरू हो सके। उन्होंने बताया कि 26 राज्यों ने “विकसित भारत-ग्रामीण भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अपने बजट में वित्तीय प्रावधान कर लिए हैं जबकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया गया है। इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा गया है जिसमें राज्यों को अधिसूचना जारी करेने के निर्देश दिए गए है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के माध्यम से ही कार्यों का चयन किया जाएगा और इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि 1 जुलाई तक मनरेगा के तहत रोजगार और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की कमी या व्यवधान न आए।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक योजना नहीं, बल्कि “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में “विकसित गांव” बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी सफलता राज्यों की प्रतिबद्धता, तैयारी और सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करेगी।
उन्होंने सभी राज्यों को 28 और 29 जून को दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया, जहां इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

