कंचनगंगा में हिमस्खलन, कोई नुकसान नहीं, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
चमोली, 24 मई (हि.स.)। उत्तराखंड के चमोली जिले के बदरीनाथ यात्रा के दौरान कंचनगंगा क्षेत्र में हिमस्खलन की घटना सामने आई है। घटना के दौरान आसपास मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन का कहना है कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
चमोली जिलाधिकारी गौरव कुमार ने रविवार काे बताया कि हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात एवं आम जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और पर्वतीय क्षेत्रों में समय-समय पर इस प्रकार की घटनाएं होती रहती हैं। उन्हाेंने बताया कि प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। चारधाम यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और यात्रा व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने आमजन से सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
जानकारी के अनुसार, बढ़ते तापमान के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे हिमखंडों के टूटने और नीचे खिसकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। गर्मियों के दौरान कंचनगंगा और आसपास के क्षेत्रों में इस प्रकार की प्राकृतिक घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

