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तंबाकू नियंत्रण कानून के पालन पर सख्ती

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मुंबई, 24 मई (हि.स.)। तंबाकू उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कोटपा-2003 कानून के पालन को अधिक सख्त बनाने का फैसला किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत तहसील स्तर की तंबाकू नियंत्रण समितियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। हर समिति को प्रति वर्ष दो हजार रुपए का फंड उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे निगरानी, जनजागृति और कानून के क्रियान्वयन को मजबूती मिल सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में जीआर जारी किया है। राज्य की हर तहसील समिति को प्रति वर्ष फंड उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत कोटपा कानून के क्रियान्वयन के लिए प्राप्त निधि से वितरित की जाएगी। समिति के सदस्य सचिव अध्यक्ष की अनुमति से इस निधि का उपयोग करेंगे और संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री, प्रचार और उपयोग पर नियंत्रण के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित समितियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने तय किया है कि तहसील स्तरीय तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक अब सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग द्वारा गठित तहसील नशामुक्ति समिति की बैठक के तुरंत बाद आयोजित की जाएगी। इससे तंबाकू नियंत्रण और व्यसनमुक्ति अभियानों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। गांव और तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा, जनजागृति और निगरानी बढ़ने से कोटपा कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार