अंतिम चरण में मुंबई-गोवा हाईवे परियोजना
मुंबई, 24 मई (हि.स.)। बहुप्रतिक्षित मुंबई-गोवा राष्ट्रीय महामार्ग को चार लेन में बदलने वाली परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में प्रमुख ब्रिजों के साथ ही फ्लाईओवरों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। काम की गति को देखते हुए मानसून से पहले यातायात सुगम होने की उम्मीद बढ़ गई है।
हाईवे पर वर्षों से चल रहे निर्माण कार्य के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। मानसून के दौरान सड़क की खराब स्थिति और अधूरे पुलों के कारण घंटों तक ट्रैफिक जाम लगा रहता था। अब निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंचने से लोगों को उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में सफर अधिक सुरक्षित और सहज हो सकेगा। चिपलुन शहर में बन रहे नए फ्लाईओवर का निर्माण 98.7 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। मानसून शुरू होने से पहले या उसके आसपास इसे चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। संगमेश्वर पुल का निर्माण लगभग 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे मई 2026 के अंत तक शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण बावंडी पुल का निर्माण पूरी तरह पूरा हो चुका है और इसे यातायात के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा अखेरपाली फ्लाईओवर 95 प्रतिशत, निवाली फ्लाईओवर 90 प्रतिशत और लांजा फ्लाईओवर लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी परियोजनाओं का शेष कार्य जून 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
बावंडी पुल को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि चिपलुन, संगमेश्वर, निवाली और लांजा फ्लाईओवरों का काम भी अंतिम दौर में है। परियोजना पूरी होने के बाद लंबे समय से जाम और दुर्घटनाओं से जूझ रहे इस हाईवे पर वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

