अकेली महिलाओं के लिए नीति बनाने के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित
मुंबई, 24 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने अकेले जीवनयापन करने वाली महिलाओं के लिए एक अलग नीति बनाने का फैसला किया है। इस नीति का मसौदा तैयार करने के लिए महिला व बाल कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति की गठन किया गया है।
राज्य सरकार ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और कानूनी मुद्दों पर पूरी तरह से विचार करके राज्य में अकेली महिलाओं के लिए अलग नीति बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोरहे ने इस नीति के लिए सरकारी स्तर पर लगातार फॉलो-अप किया था। इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार को प्रस्तुति देकर अकेली महिलाओं के लिए अलग पॉलिसी बनाने की मांग की थी। बजट सेशन में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सदन में अकेली महिलाओं के लिए पॉलिसी बनाने की घोषणा की थी।
डॉ. गोरहे ने अकेली महिलाओं के मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचने के लिए विधान भवन में पीठासीन अधिकारी के तौर पर खास मीटिंग की थीं। उन्होंने अलग-अलग महिला संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संबंधित विभागों के साथ मिलकर पॉलिसी बनाने की जरूरत पर जोर दिया था। महिलाओं के रहने की जगह, रोज़गार, स्वास्थ्य, कानूनी मदद और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर आवाज़ उठाई थी और सरकार से एक अलग पॉलिसी बनाने की मांग की थी। उपसभापति गोरहे के अनुसार पिछले चार दशकों से महिलाओं के मुद्दों पर काम करते हुए उन्होंने अकेली महिलाओं की अलग-अलग समस्याओं, सामाजिक सच्चाई और मुश्किलों को खुद महसूस किया है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि इस नीति से महिलाओं की समस्याओं हल निकले और उनकी ज़िंदगी में बेहतर बदलाव आ सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

