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उज्जैनः कलेक्टर ने महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं की कतार में शामिल होकर किया दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण

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उज्जैनः कलेक्टर ने महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं की कतार में शामिल होकर किया दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण


उज्जैनः कलेक्टर ने महाकाल मंदिर में आम श्रद्धालुओं की कतार में शामिल होकर किया दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण


उज्जैन, 24 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में कलेक्टर एवं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह एवं प्रशासक प्रथम कौशिक ने रविवार को महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। भीषण गर्मी और 41 डिग्री से अधिक तापमान के बीच उन्होंने जमीनी हकीकत परखी।

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह एवं प्रशासक प्रथम कौशिक ने रविवार को आम श्रद्धालुओं के समान हरसिद्धि चौराहे से प्रवेश किया और कतार में लगकर श्री महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने दर्शन व्यवस्था को अधिक सुलभ, सुचारु एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के एक आम श्रद्धालु की तरह दर्शन व्यवस्था का अनुभव लिया। उन्होंने अपनी गाड़ी और सुरक्षा हरसिद्धि मंदिर में छोड़ी और आम श्रद्धालुओं के साथ पैदल चलकर बड़ा गणेश से मंदिर तक पहुंचे। उन्होंने हरसिद्धि चौराहा स्थित काउंटर पर जूते उतारकर आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में प्रवेश किया तथा बड़ा गणेश मंदिर होते हुए प्रवेश कर मानसरोवर क्षेत्र का निरीक्षण किया।

इसके पश्चात उन्होंने फैसिलिटी टनल से होते हुए गणेश मंडपम में दर्शन किए गए तथा पालकी हॉल मार्ग से निर्गम कर निरीक्षण पूर्ण किया। इस दौरान संपूर्ण दर्शन मार्ग पर स्थापित जूता स्टैंड, पेयजल व्यवस्था, मैटिंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए छायादार शेडिंग व्यवस्था, विभिन्न स्थलों की साफ-सफाई, शीघ्र दर्शन काउंटर एवं लड्डू प्रसाद काउंटर का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं के सतत रखरखाव के आवश्यक निर्देश प्रदान किए।

कलेक्टर सिंह ने निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्थाओं के संबंध में उनके अनुभव भी जाने। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में उपलब्ध व्यवस्थाओं को सकारात्मक एवं सराहनीय बताया गया। कलेक्टर एवं प्रशासक द्वारा सभी सेक्टर प्रभारियों को अपने-अपने सेक्टर में स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने रास्ते में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता भी जांची। उन्होंने श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर दर्शन में लगे समय, पानी और छाया की व्यवस्था तथा स्टाफ के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। अधिकांश श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें लगभग 20 मिनट में सहज दर्शन हो गए। निरीक्षण के दौरान एक महिला श्रद्धालु गर्मी और थकान के कारण असहज महसूस कर रही थीं। उन्हें तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान की गई। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना की और बताया कि जगह-जगह छाया, पेयजल तथा मैट की व्यवस्था से उन्हें राहत मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर