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दमोह: चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव, तकनीक और विश्वसनीयता का समन्वय जरूरी : मंत्री पटेल

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दमोह: चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव, तकनीक और विश्वसनीयता का समन्वय जरूरी : मंत्री पटेल


दमोह: चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव, तकनीक और विश्वसनीयता का समन्वय जरूरी : मंत्री पटेल


चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं और चुनौतियों पर किया मंथन

दमोह, 24 मई (हि.स.) । मध्यप्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय स्थित होटल रॉयल दमयंती पैलेस में रविवार को एक दिवसीय ‘मेडिकॉन दमोह 2026’ का आयोजन किया गया। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर चिकित्सा क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों, आधुनिक तकनीकी बदलावों, उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के विषयों पर गंभीर मंथन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर मंच पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रघुनंदन चिले, डॉ. डी.एम. संगतानी एवं डॉ. संजय त्रिवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिवाकर पटेल, आयोजन के मुख्य सूत्रधार डॉ. पुष्पराज पटेल, डॉ. अमित जैन एवं डॉ. आभास जैन सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों की सहभागिता रही।

अपने संबोधन में मंत्री पटेल ने चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव, तकनीकी विकास और सामाजिक विश्वास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पहचान केवल उसकी डिग्री से नहीं, बल्कि उसके अनुभव, व्यवहार, कार्यशैली और मरीजों के बीच बने विश्वास से होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। ऐसे सम्मेलन स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों को समझने और उनके समाधान खोजने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग समय की आवश्यकता है।

मंत्री पटेल ने कहा कि बीमारी की पहचान और उपचार में थोड़ी सी भी देरी मरीज के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। समय पर उपचार और सटीक चिकित्सा व्यवस्था समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री पटेल सम्मेलन में मौजूद रहे और विशेषज्ञ वक्ताओं के विचार भी गंभीरता से सुने। सम्मेलन में चिकित्सा विशेषज्ञों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की बेहतर देखभाल और चिकित्सा क्षेत्र में सामने आ रही नई चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। एक दिवसीय ‘मेडिकॉन दमोह 2026’ को चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान, अनुभव और नवाचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच माना गया। आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा चिकित्सा क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव