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दमोह: खुदाई में निकले पुराने चांदी के सिक्कों ने बढ़ाया रहस्य, मजदूर और मकान मालिक आमने-सामने

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दमोह: खुदाई में निकले पुराने चांदी के सिक्कों ने बढ़ाया रहस्य, मजदूर और मकान मालिक आमने-सामने


दमोह: खुदाई में निकले पुराने चांदी के सिक्कों ने बढ़ाया रहस्य, मजदूर और मकान मालिक आमने-सामने


दमोह: खुदाई में निकले पुराने चांदी के सिक्कों ने बढ़ाया रहस्य, मजदूर और मकान मालिक आमने-सामने


दमोह, 24 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के दमोह शहर के पुराने फुटेरा क्षेत्र में एक मकान की खुदाई के दौरान मिले पुराने चांदी के सिक्कों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सिक्कों की संख्या और उनके वास्तविक वजन को लेकर मकान मालिक और मजदूरों के बीच अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को फुटेरा मोहल्ले में स्थित एक मकान में खुदाई कार्य के दौरान जमीन के भीतर से पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात सामने आई थी। हालांकि उस समय मामले की जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंची। बताया गया है कि रविवार को मकान मालिक आलोक जैन ने पुलिस को सूचना देते हुए खुदाई कार्य में लगे मजदूरों पर सिक्कों को लेकर संदेह जताया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

पुलिस ने मौके से 42 पुराने चांदी के सिक्के बरामद किए हैं। दूसरी ओर खुदाई में लगे मजदूरों ने दावा किया है कि जमीन से केवल इतने ही सिक्के नहीं निकले, बल्कि बड़ी मात्रा में चांदी के सिक्के मिले थे। मजदूरों का आरोप है कि करीब 35 किलो से अधिक चांदी के सिक्के जमीन के भीतर से निकले थे, जिन्हें बाद में गायब कर दिया गया।

वहीं मकान मालिक आलोक जैन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जितने सिक्के मिले, उनकी जानकारी पुलिस को दी गई और प्रशासन को सौंप दिया गया। उन्होंने मजदूरों के आरोपों को निराधार बताया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बरामद सिक्कों को सुरक्षित रखकर मामले की जांच शुरू कर दी है। संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

उधर कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सिक्कों को कब्जे में लिया है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के संरक्षण सहायक शुभम हर्जरिया ने प्रारंभिक तौर पर बरामद सिक्कों को ऐतिहासिक महत्व का बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार सिक्कों की जांच के बाद उनके समयकाल और वास्तविक ऐतिहासिक महत्व की जानकारी सामने आ सकेगी।

घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुराने सिक्कों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। अब पुलिस, प्रशासन और पुरातत्व विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन से वास्तव में कितने सिक्के निकले और इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है।

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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव