बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के मृत बाघ के शव का होगा पुन: परीक्षण
भोपाल, 24 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टाइगर को ट्रैंकुलाइज करने के बाद रविवार को एक बाघ की मौत हो गई। वरिष्ठ स्तर के निर्देश पर मृत बाघ के शव का पुनः परीक्षण कराया जाएगा।
गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में शनिवार देर रात आंगन में सो रही महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बाघ ने दो अन्य ग्रामीणों पर भी हमला कर दिया। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद रविवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टाइगर को ट्रैंकुलाइज किया, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। हालांकि, कुछ देर बाद टाइगर की मौत हो गई। ट्रैंकुलाइज के दौरान दवा की ओवरडोज की वजह से जान जाने की आशंका है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाघ की मृत्यु के उपरांत प्रोटोकाल अनुसार मृत बाघ के शव का परीक्षण कराया गया। वरिष्ठ स्तर के निर्देश पर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के प्रतिनिधि एआईजी, एनटीसीए क्षेत्रीय कार्यालय नागपुर के समक्ष तीन पशु चिकित्सकों- डॉ. निधि राजपूत, पशुचिकित्सक एलडब्ल्यूएफएच जबलपुर, डॉ. अभय सँगेर, पशु चिकित्सक, मुकुंदपुर एवं डॉ. प्रशांत देशमुख, पशुचिकित्सक, डब्ल्यूसीटी द्वारा एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर में पुनः शव परीक्षण होगा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की सदस्य सचिव, एनटीसीए दिल्ली से हुई चर्चा अनुसार बाघ के शव के पुनः परीक्षण के लिये उसे एडब्ल्यूएफएच जबलपुर में सुरक्षित पहुंचाया जाकर डीप फ्रिज में रखा गया। क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व सम्पूर्ण घटना क्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के साथ सतत संपर्क में हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

