home page

पंचायत चुनाव: कांगड़ा में 895 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, 72 घंटे का विशेष अभियान शुरू

 | 
पंचायत चुनाव: कांगड़ा में 895 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, 72 घंटे का विशेष अभियान शुरू


धर्मशाला, 24 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के पहले चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए कांगड़ा जिला में पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने के लिए जिलेभर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए जिले में कुल 895 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इन सभी मतदान केंद्रों की संवेदनशीलता का आकलन करने के बाद सुरक्षा व्यवस्था तय की गई है। उन्होंने कहा कि हर मतदान केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि मतदाता बिना किसी डर, दबाव या बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। एसपी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा करवाना पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना से तुरंत निपटने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। सब-डिवीजन स्तर पर निगरानी और प्रतिक्रिया टीमें गठित की गई हैं, जबकि थाना स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई हैं। ये टीमें किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगी। सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को चुनाव ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

चुनाव को प्रभावित करने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने 72 घंटे का विशेष अभियान भी शुरू किया है। एसपी अशोक रतन ने बताया कि जिलेभर में नाकाबंदी बढ़ा दी गई है और वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीती रात से ही सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यह अभियान मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा, ताकि शराब, नकदी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि उन्हें किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाए जा सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया