home page

नारनौल में सखी सेंटर की पहल से मां को मिली दुधमुंही बच्ची

 | 

काउंसिलिंग से पांच माह की दुधमुंही बेटी दोबारा पहुंची मां की गोद में

नारनाैल, 09 जून (हि.स.)। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित ‘वन स्टॉप सेंटर (सखी)’ ने एक बार फिर संकट में फंसी महिला की मदद कर संवेदनशील पहल का उदाहरण पेश किया है। सेंटर की त्वरित कार्रवाई, काउंसिलिंग और कानूनी परामर्श के चलते एक मां को उसकी मात्र पांच माह की दुधमुंही बच्ची दोबारा मिल गई। इस पहल से एक बिछड़ा परिवार फिर से जुड़ सका।

वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक वंदना यादव ने मंगलवार को बताया कि पीड़ित महिला की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद घरेलू और पारिवारिक विवादों के कारण हालात इतने बिगड़ गए कि महिला अपनी पांच माह की नवजात बच्ची से अलग हो गई। बच्ची अपनी मां से दूर थी, जिससे महिला मानसिक रूप से काफी परेशान थी।

मामला वन स्टॉप सेंटर के संज्ञान में आने के बाद केंद्र की टीम ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू की। सेंटर की प्रभारी और संबंधित अधिकारियों ने महिला तथा उसके ससुराल पक्ष को केंद्र में बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनी। काउंसिलिंग सत्र के दौरान अधिकारियों ने दोनों पक्षों को कानून, बाल अधिकारों और नवजात शिशु के लिए मां के दूध तथा ममता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सेंटर की टीम ने धैर्य और संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को समझाया। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और दोनों पक्ष आपसी सहमति से बच्ची को उसकी मां को सौंपने पर राजी हो गए।

वंदना यादव ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा, प्रताड़ना या पारिवारिक संकट का सामना कर रही महिलाओं को आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा और काउंसिलिंग उपलब्ध कराना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला