हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के एमए हिंदी पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘हिन्दी और ए आई’ विषय
हिसार, 24 मई (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान
एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में इस सत्र 2026 में विद्यार्थियों
के लिए ‘हिन्दी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई )’ विषय को एक नवीन पाठ्यक्रम के रूप
में शामिल किया जाएगा। यह दो क्रेडिट का ऐच्छिक पाठ्यक्रम होगा, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों
को हिन्दी भाषा और आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीकों के अंतर्संबंध से परिचित कराना
रहेगा।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार बहमनी
ने रविवार काे बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार किए गए इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को
ए आई, मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग डीप लर्निंग जैसी आधुनिक अवधारणाओं
की जानकारी दी जाएगी। साथ ही हिन्दी कम्प्यूटिंग, यूनिकोड, वॉयस टाइपिंग, स्पीच रिकग्निशन
तथा टेक्स्ट टू स्पीच तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
पाठ्यक्रम के अंतर्गत हिन्दी साहित्य के डिजिटलीकरण,
ए आई आधारित लेखन उपकरणों, चैटबॉट तकनीक, डिजिटल पुस्तकालय, सोशल मीडिया और डिजिटल
हिन्दी जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन अनुवाद, ए आई, आधारित
संपादन, मीडिया एवं शोध कार्य में ए आई की उपयोगिता पर भी विशेष अध्ययन करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल युग की आवश्यकताओं
के अनुरूप तैयार करेगा तथा हिन्दी भाषा को तकनीकी रूप से अधिक सशक्त बनाने में सहायक
सिद्ध होगा। पाठ्यक्रम में ए आई के नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों पर भी गंभीर
चर्चा की जाएगी, जिससे विद्यार्थी तकनीक के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों को
समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि इन दिनों एमए हिंदी में प्रवेश
पाने के लिए ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी ऑनलाइन प्रक्रिया
के माध्यम से गुजविप्रौवि की वेबसाइट पर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

