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गुरुग्राम: नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे की हड़ताल कर महिला आयोग अध्यक्ष का मांगा इस्तीफा

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गुरुग्राम: नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे की हड़ताल कर महिला आयोग अध्यक्ष का मांगा इस्तीफा


-हरियाणा की नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे पेन डाउन करके की यह मांग

-बुधवार 10 जून को को भी दो घंटे हड़ताल, गुरुवार 11 जून को होगी संपूर्ण हड़ताल

-इमरजेंसी सेवाएं भी होंगी बंद

-जनवादी महिला समिति व सीटू ने भी किया नर्सिंग ऑफिसर्स की मांग का समर्थन

गुरुग्राम, 09 जून (हि.स.)। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया द्वारा कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स पर की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदेशभर के नर्सिंग ऑफिसर्स में भारी आक्रोश है। मंगलवार को नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश के छोटे-बड़े सभी सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग ऑफिसर्स ने दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे की मांग की। मरीजों के हित में आपातकालीन व वार्डों में एक-एक नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगाई गई। जनवादी महिला समिति और सीटू संगठन ने भी नर्सिंग ऑफिसर के खिलाफ महिला आयोग की अध्यक्ष की टिप्पणी की निंदा करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल समेत सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर्स ने एकजुटता दिखाई। अस्पतालों में मंगलवार सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पेन डाउन हड़ताल की। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की ओर से यह भी निर्णय लिया गया कि बुधवार 10 जून को भी दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल के साथ सभी सेवाएं बंद रखी जाएंगीं। अगर महिला आयोग की अध्यक्ष पर कार्रवाई नहीं होती है तो 11 जून को संपूर्ण हड़ताल की जाएगी। पूरे प्रदेश के अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं भी बंद की जाएंगीं। नर्सिंग ऑफिसर्स ने महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। हड़ताली नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि हम दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं। कोरोना काल में भी जान जोखिम में डालकर काम किया। कोरोना वॉरियर्स का नर्सिंग ऑफिसर्स को दर्जा दिया गया, लेकिन महिला आयोग की अध्यक्ष ने नर्सिंग ऑफिसर्स का अपमान करके उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया द्वारा नर्सिंग ऑफिसर के अपमान, उनकी बेटियों के अपमान करने का सभी ने खुलकर विरोध किया। नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि अगर महिला आयोग की अध्यक्ष ही महिलाओं को ऐसे अपमानित करेंगी तो हम किससे सम्मान की उम्मीद करें। नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि अध्यक्ष का पद संवैधानिक है और उस पद पर बैठे व्यक्ति से गरिमापूर्ण व्यवहार की उम्मीद की जाती है। साथ ही कुरुक्षेत्र की घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर