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विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी:ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया

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विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी:ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया


केंद्रीय मंत्री बोले, मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित

सिंधिया परिवार ने पानीपत की तीसरी लड़ाई में 16 पूर्वजों की दी कुर्बानी

12 वर्षों में भारत में दो शक्तियों का देखने को मिला संगम

रोहतक, 09 जून (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम.सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने अभूतपूर्व स्थिरता और अभूतपूर्व परिवर्तन दोनों का अनुभव किया है। यही कारण है कि आज भारत विश्व मंच पर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और तेजी से विकसित हो रही शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपनी पूर्ण आहुति देने का समय आ गया है।

मंगलवार को केंद्रीय मंत्री वैश्य महाविद्यालय के सभागार में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा रोपा गया यह पौधा आज वटवृक्ष बनकर लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा रूपी छाया प्रदान कर रहा है। महात्मा गांधी ने देशभर में दो संस्थाओं की नींव रखी थी, जिनमें रोहतक की वैश्य शिक्षण संस्था शामिल है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हरियाणा और विशेष रूप से रोहतक की धरती का देश के इतिहास में विशेष स्थान रहा है। पानीपत की वीर भूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए मराठा वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। सिंधिया परिवार के 16 पूर्वजों ने इस लड़ाई में कुर्बानी दी थी। भारत का इतिहास सहिष्णुता का रहा है, लेकिन देश की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

उरी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्यवाहियों ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी एकता और अखंडता अक्षुण्ण रखने के लिए ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 में शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की राशि 9.26 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचाई। प्रधानमंत्री की सोच विश्व व्यापक है।

सिंधिया ने कहा कि रोहतक का एलिवेटेड रेल कॉरिडोर इस परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग पांच किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड रेलवे ट्रैक आधुनिक भारत की विकास सोच को दर्शाता है। इस परियोजना में ऊपर रेलवे लाइन और नीचे सडक़ मार्ग का विकास किया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित हुई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह एलिवेटेड रेल कॉरिडोर नए भारत की पहचान और अस्मिता का प्रतीक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल