वाराणसी के नमोघाट पर गार्डो और बाउंसरों ने पर्यटकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, एक की मौत
—किशोर पर्यटक के मौत के बाद सियासत भी गरम,कांग्रेस ने सरकार को घेरा
वाराणसी, 24 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नमोघाट पर रविवार को मामूली विवाद में गार्डों और बाउंसरों ने पर्यटकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा,जिसमें एक किशोर पर्यटक की अस्पताल में मौत हो गई। मृत पर्यटक की पहचान जनपद सोनभद्र निवासी 17 वर्षीय राजेंद्र उर्फ चिंटू के रूप में हुई है। इस मामले में आदमपुर पुलिस ने चार सुरक्षाकर्मियों सहित संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। उधर, मारपीट और पर्यटक की मौत के बाद नगर में सियासत भी उबलने लगी है। कांग्रेस ने इस प्रकरण को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
मिली जानकारी के अनुसार सोनभद्र जनपद से पर्यटकों का एक समूह रविवार को सुबह ताजी हवा और गंगा दर्शन के लिए नमो घाट पहुंचा था। सभी पर्यटक मुख्य प्रवेश द्वार से घाट के भीतर जाने लगे तो वहां ड्यूटी पर मौजूद निजी सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस बात को लेकर पर्यटकों और गार्डो में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और सुरक्षा गार्डों ने अपने अन्य साथियों और निजी बाउंसरों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर पर्यटकों को लाठियों और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान सोनभद्र निवासी किशोर राजेंद्र उर्फ चिंटू को बाउंसरों ने जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और डंडों से सिर व छाती पर प्रहार किए। गंभीर चोटें आने के कारण राजेंद्र लहूलुहान होकर सीढ़ी पर गिर गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल घायल पर्यटकों को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले गई। जहां चिकित्सकों ने राजेंद्र उर्फ चिंटू को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य घायलों का आपातकालीन वार्ड में इलाज जारी है।
इस संबंध में आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि मृत किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपित बाउंसरों की शिनाख्त की गई। मृत किशोर के परिवार की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में चार लोगों गार्डों समेत सिक्योरिटी गार्ड कंपनी के टेंडर मालिक को भी हिरासत में लिया गया है। टेंडर मालिक से पूछताछ चल रही है।
इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपने सोशल मीडिया के अधिकृत अकाउंट एक्स पर सरकार को घेरा हैं । प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा है कि काशी के 'नमो घाट' पर सोनभद्र से आए श्रद्धालुओं और टूरिस्ट के साथ सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसरों ने जो बर्बरता की, वह बहुत शर्मनाक और निंदनीय है। इस हिंसक हमले में एक बेगुनाह किशोर की जान चली गई, और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतक के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। अब, जब बनारस में सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी यूपी पुलिस से छीनकर 'गुजरात' की प्राइवेट कंपनियों को दी जाएगी, तो वे उस राज्य के लोगों और काशी के निवासियों के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार करेंगे। बाबा विश्वनाथ की नगरी गुजरात की कंपनियों के लिए 'वसूली और ठगी' का अड्डा बन गई है। क्या यूपी पुलिस अब सिर्फ मूकदर्शक बनी रहेगी?
इस जघन्य हत्याकांड के अपराधियों पर तुरंत हत्या का आरोप लगाया जाना चाहिए, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए, और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। सरकार से यह भी मांग है कि पीड़ित परिवार को तुरंत उचित आर्थिक मदद (मुआवजा) दी जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

