हाथी दांत और जबड़े के साथ प्रयागराज के तीन तस्कर गिरफ्तार, तस्करी का 'कोड' बना 10 रुपये का नोट
- एसटीएफ, डब्ल्यूसीसीबी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में हाथी दांत, जबड़ा, मोबाइल और बाइक बरामद
मीरजापुर, 09 जून (हि.स.)। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में मंगलवार को मीरजापुर में बड़ी सफलता हाथ लगी। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हाथी दांत की तस्करी कर रहे तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हाथी के दांत, जबड़ा, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की है। प्रारंभिक जांच में संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर लालगंज रेंज, डब्ल्यूसीसीबी गोरखपुर और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जिगना थाना क्षेत्र स्थित बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप घेराबंदी कर कार्रवाई की। दोपहर करीब एक बजे तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से लगभग 1.49 किलोग्राम के दो हाथी दांत, करीब 800 ग्राम का जबड़ा, एक मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन तथा पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला 10 रुपये का नोट बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रयागराज निवासी अविलेश कुमार शुक्ला, राममनी यादव और देवेश्वर के रूप में हुई है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बरामदगी और पूछताछ से संकेत मिले हैं कि आरोपित लंबे समय से संरक्षित वन्यजीवों के अंगों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। वन विभाग, डब्ल्यूसीसीबी और एसटीएफ की संयुक्त टीम अन्य संभावित आरोपितों की तलाश में जुट गई है। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि वन्यजीव अपराधों के प्रति विभाग की शून्य सहिष्णुता की नीति है। संरक्षित वन्यजीवों के शिकार, अवैध व्यापार और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
10 रुपये के नोट से होती थी पहचान
संयुक्त टीम को आरोपितों के पास से 10 रुपये का एक नोट भी मिला है। जांच में सामने आया कि तस्करी के सौदों में खरीदार और विक्रेता की पहचान सुनिश्चित करने के लिए इस नोट का इस्तेमाल किया जाता था। नोट के नंबर और अन्य संकेतों के जरिए सौदे की पुष्टि की जाती थी। संयुक्त टीम अब इस तरीके से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा

