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भतीजे ने ही उड़ाए चाचा के 5.67 लाख रुपये, साइबर पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 3 को दबोचा

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भतीजे ने ही उड़ाए चाचा के 5.67 लाख रुपये, साइबर पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 3 को दबोचा


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने 5.67 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी मामले का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ठगी की साजिश किसी बाहरी साइबर अपराधी ने नहीं बल्कि पीड़ित के सगे भतीजे ने रची थी। आरोपित ने रकम को छिपाने के लिए दो अन्य लोगों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया और पैसे को विभिन्न खातों में घुमाकर अपने पास पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार दिलशाद गार्डन निवासी विनोद हीरा ने 14 मई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह सरोजनी नगर में बुटीक का कारोबार करते हैं और उनका एसबीआई की दिलशाद गार्डन शाखा में बैंक खाता है। खाते में करीब 5.80 लाख रुपये जमा थे और उसका नियमित उपयोग भी नहीं हो रहा था। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान नितिन गुलाटी, आदिल सलमानी और मनिंदर सिंह के रूप में हुई है।

शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने मंगलवार काे बताया कि शिकायतकर्ता ने बताया कि मई में उन्होंने नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के नाम 6,500 रुपये का चेक जारी किया था। चेक बैंक में प्रस्तुत होने पर अपर्याप्त राशि के कारण बाउंस हो गया। इस पर जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि उनके खाते से 5,67,100 रुपये से अधिक की रकम अनधिकृत यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए निकाल ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना शाहदरा में धारा 318(4) बीएनएस के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस टीम ने बैंक खातों के लेन-देन, आईपी लॉग, यूपीआई ट्रांजैक्शन ट्रेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम कई बैंक खातों के जरिए घुमाई गई थी। वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने पाया कि रकम आदिल सलमानी और मनिंदर सिंह के खातों से होकर गुजरी थी। इसके बाद पुलिस ने अंतिम लाभार्थी तक पहुंचकर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

दिल्ली में छापेमारी कर तीन आरोपित गिरफ्तार

तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान श्रीनगर, रानी बाग निवासी नितिन गुलाटी (43), राजा पार्क आदिल सलमानी (27) और श्रीनगर, रानी बाग निवासी मनिंदर सिंह (30) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान तीनों को तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों से सामना कराया गया, जिसके बाद उनकी भूमिका स्पष्ट हो गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

सगा भतीजा निकला मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि नितिन गुलाटी शिकायतकर्ता विनोद हीरा का सगा भतीजा है। पुलिस के अनुसार नितिन ने ही पूरे षड्यंत्र की योजना बनाई थी। उसने अपने चाचा के खाते से अनधिकृत यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए रकम निकाली और उसे छिपाने के लिए कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाया। आरोपित ने आदिल सलमानी और मनिंदर सिंह के खातों को 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल किया। इन खातों के जरिए रकम को विभिन्न चरणों में ट्रांसफर कर आखिरकार अपने नियंत्रण वाले खातों तक पहुंचाया गया। जांच में नितिन ही ठगी की रकम का अंतिम लाभार्थी पाया गया।

पुलिस के अनुसार आदिल सलमानी और मनिंदर सिंह ने जानबूझकर अपने बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया। दोनों ने रकम के लेन-देन और उसकी परतें बनाने में मदद की, ताकि वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचना मुश्किल हो सके। पूछताछ में दोनों ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों के संचालन और रकम ट्रांसफर कराने में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी विश्लेषण के जरिए 5,67,100 रुपये की पूरी मनी ट्रेल स्थापित कर ली है। पुलिस ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्य भी सुरक्षित कर लिए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी