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काला जठेड़ी गैंग का नाम लेकर कारोबारी को धमका रहे थे, पुलिस ने दबोचा

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काला जठेड़ी गैंग का नाम लेकर कारोबारी को धमका रहे थे, पुलिस ने दबोचा


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। कुख्यात काला जठेड़ी गैंग का नाम लेकर एक कारोबारी से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित खुद को गैंग का सदस्य बताकर अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करते थे और कारोबारी पर करोड़ों रुपये के भुगतान का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपितों की पहचान की राजन कालरा और साहिल गर्ग के रूप में हुई है।

उत्तर पश्चिम जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि आदर्श नगर निवासी रोहित जैन, जो बवाना सेक्टर-5 में प्लास्टिक ग्लू टेप निर्माण का कारोबार करते हैं। उन्होंने थाने में शिकायत देकर बताया था कि उन्हें लगातार अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाला खुद को हरियाणा के कुख्यात काला जठेड़ी गैंग का सदस्य बताता था और उनसे एक कारोबारी विवाद से जुड़ी रकम चुकाने की मांग कर रहा था।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल गर्ग के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। साहिल गर्ग पहले भी उसके खिलाफ करीब 2.95 करोड़ रुपये के कथित बकाया भुगतान और धोखाधड़ी की शिकायत आदर्श नगर थाने में दर्ज करा चुका था। इसी विवाद के बीच धमकी भरे कॉल आने शुरू हो गए।

कॉल करने वाले ने दावा किया कि साहिल गर्ग से रकम की वसूली के लिए गैंग ने 50 लाख रुपये की टोकन राशि ले रखी है। धमकी दी गई कि यदि पैसा नहीं लौटाया गया तो रोहित जैन को जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने इन कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आदर्श नगर थाने में सात जून को रंगदारी और आपराधिक धमकी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद एसीपी जहांगीरपुरी योगेंद्र खोखर और थाना प्रभारी राजेश कुमार भाखर की निगरानी में एसआई सुनील के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मोबाइल नंबरों की पड़ताल की। पता चला कि धमकी देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय और एक भारतीय नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस को आरोपितों की गतिविधियां करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ क्षेत्र में मिलने लगीं। इसके बाद पुलिस टीम ने हरियाणा में कई स्थानों पर लगातार दबिश दी। छापेमारी के दौरान सबसे पहले यमुनानगर निवासी राजन कालरा को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपित साहिल गर्ग को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही काला जठेड़ी गैंग का नाम लेकर कारोबारी को डराने और रकम वसूलने का प्रयास किया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों का किसी गैंग से कोई संबंध नहीं है। वे केवल गैंग के नाम का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग धमकी देने और रंगदारी मांगने में किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी