श्योपुरः आदिवासी किसान की गोली मारकर हत्या, शव को सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
श्योपुर, 24 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कराहल थाना क्षेत्र के ग्राम पनवाड़ा में आदिवासी किसान गंगाराम आदिवासी की गोली लगने से मौत के बाद रविवार को इलाके में तनावपूर्ण माहौल रहा। आदिवासी समाज के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने से पहले सड़क पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं।
घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार शाम को पनवाड़ा निवासी किसान गंगाराम आदिवासी खेत पर काम कर रहे थे, तभी जमीन विवाद को लेकर हुए संघर्ष में उन्हें गोली मार दी गई। गंभीर हालत में उन्हें कराहल अस्पताल ले जाया गया, जहां से श्योपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में जगवीर जाट सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़ित परिवार को न्याय की मांग
रविवार को हुए प्रदर्शन में शिवपुरी से सहरिया क्रांति संगठन के संजय बेचैन भी पनवाड़ा पहुंचे और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की। समाज के लोगों ने प्रशासन से मृतक परिवार को आर्थिक सहायता, मृतक के पुत्र को शासकीय नौकरी, कराहल थाना प्रभारी और तहसीलदार को हटाने और बाहरी लोगों के कथित फर्जी पट्टे निरस्त करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, आदिवासी समाज की जमीन का सीमांकन कर उसे कब्जा मुक्त कराने की मांग भी रखी गई। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष लाठी-डंडों के साथ मौके पर जुटे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी की।
27 बीघा जमीन को लेकर उपजा विवाद...
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से विवादित जमीन को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था। बताया गया कि करीब 27 बीघा जमीन को लेकर यह विवाद चल रहा था और हाल ही में प्रशासन ने इस जमीन का कब्जा जगवीर जाट को दिलाया था। घटना के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला मुख्यालय से भारी पुलिस बल पनवाड़ा और कराहल में तैनात किया गया। अंतिम संस्कार होने तक पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा।
विवादित जमीन पर किया गया अंतिम संस्कार....
गंगाराम का अंतिम संस्कार उसी विवादित जमीन पर किया गया, जहां गोलीकांड की घटना हुई थी। अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मौजूद रहा प्रशानिक अमला...
इस दौरान मौके पर एसडीएम बीएस श्रीवास्तव, एसडीओपी सहित प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की ओर से मृतक परिवार को रेडक्रॉस से 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है, जबकि शासन स्तर से आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संबल योजना का लाभ और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत वैष्णव

