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फर्जी डिग्री-मार्कशीट बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत चार गिरफ्तार

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फर्जी डिग्री-मार्कशीट बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत चार गिरफ्तार


कानपुर, 09 जून (हि.स.)। जिले की बेकनगंज पुलिस, एसआईटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी मार्कशीट, डिग्री और शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार कर देश-विदेश में सप्लाई करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मंगलवार को मास्टरमाइंड समेत चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, प्रिंटर, मोहरें, होलोग्राम और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि बेकनगंज क्षेत्र में एक गिरोह विभिन्न विश्वविद्यालयों और बोर्डों की फर्जी मार्कशीट व डिग्री तैयार कर रहा है। सूचना पर संयुक्त टीम ने छापा मारकर जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ (मास्टरमाइंड), नूरुद्दीन, हसन आसिफ और आमिर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान आरोपित फर्जी दस्तावेज तैयार करते मिले।

जांच में सामने आया कि जियाउल हसन इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है और पिछले करीब 13 वर्षों से अपने साथियों के साथ इस अवैध कारोबार में सक्रिय था। गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्रों की सप्लाई करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि सऊदी अरब, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में भी इनके तैयार किए गए दस्तावेज भेजे गए।

पूछताछ में आरोपिताें ने बताया कि वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जो बिना पढ़ाई या नियमित शिक्षा प्राप्त किए कम समय में डिग्री हासिल करना चाहते थे। इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। गिरोह विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के नाम पर सेमेस्टर मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, ट्रांसक्रिप्ट और पीएचडी संबंधी दस्तावेज तैयार करता था।

पुलिस ने मौके से 62 फर्जी मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन और अन्य प्रमाणपत्र, दो लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, तीन हार्ड डिस्क, 141 रबर स्टांप, 24 डाई, 80 होलोग्राम, 830 सादे प्रिंटिंग पेपर और विभिन्न विश्वविद्यालयों की 2855 अर्धनिर्मित मार्कशीट व डिग्री बरामद की हैं। बरामद दस्तावेजों में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और बोर्डों के नाम शामिल हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कानपुर, उन्नाव, नोएडा, हैदराबाद और फरीदाबाद समेत कई शहरों तक फैला हुआ था। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य आरोपित पहले भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की भी जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।

मुख्य आरोपित जियाउल हसन दो बार लंदन जा चुका है और वहीं से अपने नेटवर्क को संचालित करने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करता था। वह भविष्य में लंदन में स्थायी रूप से बसने की तैयारी में भी था। वर्ष 2022 में उसके सऊदी अरब जाने की भी जानकारी सामने आई है। थाना बेकनगंज में आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब जब्त किए गए कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और डिजिटल उपकरणों का परीक्षण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।-----------------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप