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अनूपपुर: नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा चली गोली, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार

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अनूपपुर: नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा चली गोली, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार


अनूपपुर: नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा चली गोली, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार


अनूपपुर: नौकरी दिलाने के दबाव को लेकर विवाद बढ़ा चली गोली, तीन के खिलाफ मामला दर्ज, आरोपी फरार


अनूपपुर, 09 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खांड़ा स्थित रामपुर बटुरा खदान क्षेत्र में संचालित जय अम्बे इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में हुए गोलीकांड पर मंगलवार को 3 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

इस गोलीकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। कंपनी के एक कर्मचारी को निशाना बनाकर कथित तौर पर गोली चलाई गई, लेकिन सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और कर्मचारी की जान बच गई। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले में पप्पू विश्वकर्मा पुत्र गोविंद प्रसाद विश्वमकर्मा, मिथलेश चर्मकार उर्फ लक्की पुत्र रामनरेश विश्वचकर्मा और श्रीराम विश्वकर्मा पुत्र गोविंद प्रसाद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

नौकरी दिलाने के दबाव से शुरू हुआ विवाद

कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन ने बताया कि शिकायत में कंपनी के टाइमकीपर अमन सिंह ने बताया कि कंपनी में कार्यरत हेल्पर पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार पिछले कई दिनों से अपने परिचित 8 से 10 लोगों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव बना रहे थे। कंपनी प्रबंधन द्वारा उनकी मांग पूरी न किए जाने पर दोनों कर्मचारियों और अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहे थे। 7 जून की सुबह भी दोनों आरोपियों ने कार्यालय परिसर में अमन सिंह के साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आलोक त्रिपाठी ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

कार्यालय में घुसकर किया हंगामा

दोपहर को जब कार्यालय में कर्मचारी लंच के बाद चर्चा कर रहे थे, तभी पप्पू विश्वकर्मा, मिथलेश चर्मकार और श्रीराम विश्वकर्मा वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए फिर से नौकरी देने की मांग दोहराई। इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। पप्पू विश्वकर्मा ने अमन सिंह को गोली मारने की बात कही, जबकि मिथलेश चर्मकार ने श्रीराम विश्वकर्मा को कट्टा निकालने के लिए उकसाया।

सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

आरोप है कि श्रीराम विश्वकर्मा ने देशी कट्टा निकालकर अमन सिंह पर तान दिया और फायर कर दिया। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे सुरक्षा गार्ड ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को धक्का दे दिया। गार्ड की इसी सतर्कता के कारण गोली अमन सिंह को नहीं लगी और कार्यालय के फर्श में जा धंसी। घटना के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद तीनों आरोपी कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

पुलिस ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश जारी

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार्यालय के फर्श में धंसी गोली सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1), 296(बी), 351(2), 331(7), 333, 3(5), 25, 27 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला