मंदिरों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, लाखों की नकदी और चांदी का सामान बरामद
हरिद्वार, 11 जनवरी (हि.स.)। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मंगलौर स्थित जैन मंदिर में हुई चर्चित चोरी का खुलासा किया है। गिरोह में शामिल दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक सुनार है। दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। यह गिरोह केवल मंदिरों में ही चोरी किया करता था। पुलिस को उनके दो और साथियों की तलाश है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चोरी में संलिप्त अंतरराज्यीय शातिर गिरोह के दो सदस्यों, आरिफ पुत्र इकरामुद्दीन (निवासी ग्राम निडोरी, थाना मसूरी, गाजियाबाद) और सुनार राजकुमार पुत्र रामकुमार (निवासी चर्च कॉलोनी, मुरादनगर) को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से मैंगलोर के जैन मंदिर से चोरी किया गया चांदी का बड़ा और छोटा छत्र, चांदी की ईंटें (वजन 3 किलोग्राम), चांदी का लोटा, चांदी की चंवर, 2.48 लाख नकद और अन्य सामान बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि विगत 26 दिसम्बर को मंगलौर के जैन समाज मंदिर में रात के समय चोरी की घटना हुई थी। चोरों ने मंदिर से चांदी का छत्र, लोटा, ईंटें और लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली थी। घटना के धार्मिक महत्व और संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल और सीओ मंगलौर विवेक कुमार के नेतृत्व में छह टीमों का गठन किया गया था। कई दिनों की मेहनत और तकनीकी व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की। मुखबिर की सूचना पर पुरकाजी, उत्तर प्रदेश से मुख्य आरोपित आरिफ और सुनार राजकुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने चोरी की बात स्वीकार की और बताया कि चोरी का सामान बेचकर वे भारी रकम कमाकर आपस में बांट लेते थे।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर है और केवल मंदिरों को निशाना बनाता था। आरोपित दिन में रेकी कर मंदिर की गतिविधियों का अध्ययन करते और रात को जाली या रोशनदान तोड़कर मंदिर में प्रवेश करते थे। गिरोह का एक सदस्य, जो बेहद दुबला-पतला था, मंदिर में प्रवेश करता और चोरी को अंजाम देता। बाहर कोई निशान न छोड़ने की वजह से सुबह तक किसी को चोरी की भनक नहीं लगती थी। गिरोह के दो अन्य सदस्य, शेरखान और जावेद उर्फ सोनू, अभी फरार हैं। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धारा 457, 380, 411 और 414 आईपीसी के तहत अपराध शामिल हैं। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
एसएसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल सीओ मंगलौर विवेक कुमार, सीओ रुड़की नरेंद्र पंत, प्रभारी निरीक्षक शांति कुमार, निरीक्षक दिगपाल सिंह कोहली सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए पुलिस टीम को 5 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला