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गांव-गांव पहुंच रही एएनसी सेवाएं, सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे

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गांव-गांव पहुंच रही एएनसी सेवाएं, सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 साल पूरे


किशनगंज, 09 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को किशनगंज जिले के सदर अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की गई तथा सुरक्षित मातृत्व, पोषण, एनीमिया नियंत्रण और संस्थागत प्रसव के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की समय पर पहचान कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाना रहा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नियमित एएनसी जांच के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान कर समय रहते आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा रहा है।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, मूत्र जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षण किए गए। जिन महिलाओं में किसी प्रकार का जोखिम पाया गया, उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श दिलाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई। उन्होंने कहा कि इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिल रही है।

जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि किसी भी समाज के विकास का आधार स्वस्थ माताएं और स्वस्थ शिशु होते हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ने गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई है और गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच एवं परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से नियमित एएनसी जांच कराने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम को सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने बताया कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों के प्रयासों से अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की नियमित खुराक, टीकाकरण और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी।

विभाग का कहना है कि नियमित जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान ही सुरक्षित मातृत्व की सबसे प्रभावी कुंजी है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह