‘सोहम प्रकाश’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण, साहित्य और संस्कृति पर हुई सार्थक चर्चा
जम्मू, 09 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी (जेकेएएसीएल) द्वारा के.एल. सहगल हॉल जम्मू में प्रख्यात साहित्यकार प्रेम नाथ पंडिता (प्रेम) की पुस्तक ‘सोहम प्रकाश’ के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रतन तलाशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि जेकेएएसीएल की अतिरिक्त सचिव सोनाली अरुण गुप्ता ने समारोह की अध्यक्षता की। मंचासीन गणमान्य व्यक्तियों में जेकेएएसीएल के मुख्य संपादक (गोजरी) डॉ. जावेद राही, एम.एल. पंडिता तथा लेखक प्रेम नाथ पंडिता (प्रेम) शामिल थे। अपने स्वागत भाषण में सोनाली अरुण गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार की साहित्यिक कृतियां समकालीन संदर्भों में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और धर्म तथा संस्कृति की गहरी समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होती हैं।
वक्ताओं ने पुस्तक ‘सोहम प्रकाश’ पर अपने विचार रखते हुए इसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयवस्तु पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. जावेद राही ने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय देश के बौद्धिक रूप से महत्वपूर्ण वर्गों में से एक है जिसने अपने ज्ञान और विद्वता से समाज को समृद्ध किया है। इस अवसर पर डॉ. रोशन लाल सराफ ने अपने मित्र प्रेम नाथ प्रेम को समर्पित एक भावपूर्ण कविता भी प्रस्तुत की। एम.एल. पंडिता और विजय वल्ली ने पुस्तक पर शोधपूर्ण आलेख प्रस्तुत करते हुए इसकी विषयगत गहराई और सांस्कृतिक प्रासंगिकता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि डॉ. रतन तलाशी ने पुस्तक को महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान बताते हुए लेखक की सराहना की। वहीं लेखक प्रेम नाथ पंडिता ने अपनी साहित्यिक यात्रा और रचनात्मक अनुभवों को साझा किया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में प्रसिद्ध गायक ऋषभ डोरजी ने संगीतमय प्रस्तुति दी। उनके साथ तबले पर जोगिंदर पाल और बांसुरी पर राकेश जसरोतिया ने संगत की। प्रेम नाथ पंडिता की कविताओं की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्यारे हताश ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

